देश को नई राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ शिकà¥à¤·à¤¾ नीति का इंतजार: पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤°. अवनीश, à¤à¤®à¤¡à¥€à¤†à¤ˆ
Business Wire Indiaसà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ विवेकानंद और शà¥à¤°à¥€ अरबिंदों की शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं की पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि में नई राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ शिकà¥à¤·à¤¾ नीति (à¤à¤¨à¤à¤®à¤ªà¥€) की नींव रखी गई है। महातà¥à¤®à¤¾ गांधी ने विशालकाय पॉलिसी का à¤à¤œà¥‡à¤‚डा तैयार किया था। शिकà¥à¤·à¤¾ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ का दायरा वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के अचà¥à¤›à¥‡ रहन-सहन से लेकर राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ विकास तक फैला है। अगर यह शिकà¥à¤·à¤¾ नीति 28 करोड़ 20 लाख की अनपढ़ आबादी को उà¤à¤°à¤¤à¥€ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शामिल करने की रणनीति बना ले तो नई शिकà¥à¤·à¤¾ नीति में विकास की गति और पैटरà¥à¤¨ में बदलाव लाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ है। नई शिकà¥à¤·à¤¾ नीति में मौजूदा अनपढ़ आबादी के अलावा दो विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, सà¥à¤•ूल और हायर à¤à¤œà¥à¤•ेशन में à¤à¥€ विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने और गंà¤à¥€à¤° विचार-विमरà¥à¤¶ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। सà¥à¤•ूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने वाले छातà¥à¤° और बेरोजगार आबादी से हमें यह संकेत मिलता है कि सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करने और शिकà¥à¤·à¤¾ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने में हम असफल रहे हैं, जबकि हायर à¤à¤œà¥à¤•ेशन में अà¤à¥€ नठऔर अà¤à¤¿à¤¨à¤µ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— होने हैं। हायर à¤à¤œà¥à¤•ेशन को बढ़ावा देने के लिठनई शिकà¥à¤·à¤¾ नीति में विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ शिकà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚ को शामिल करना बहà¥à¤¤ जरूरी है। इन दो चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से मà¥à¤•ाबला करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल तो है, मगर असंà¤à¤µ नहीं है।
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| Avanish Kumar |
à¤à¤¨à¤à¤®à¤ªà¥€ की 9 सदसà¥à¤¯à¥€à¤¯ कमिटी की ओर से नई शिकà¥à¤·à¤¾ नीति को अपà¥à¤°à¥ˆà¤² तक अंतिम रूप देने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। à¤à¤¨à¤à¤®à¤ªà¥€ से पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤ की शिकà¥à¤·à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में दो मूलà¤à¥‚त बदलाव आठथे। 1976 में शिकà¥à¤·à¤¾ को राजà¥à¤¯ सूची से समवरà¥à¤¤à¥€ सूची में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित किया गया और 2009 के आईटीई (राइट टॠà¤à¤œà¥à¤•ेशन) अधिनियम ने 14 साल तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शिकà¥à¤·à¤¾ देना अनिवारà¥à¤¯ बना दिया।
नई शिकà¥à¤·à¤¾ नीति के गठन में à¤à¤¾à¤—ीदारी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अपनाई गई है। à¤à¤¾à¤—ीदारी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से हानि की जगह लाठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। इसमें जà¥à¤žà¤¾à¤¨ और विचारों का आदान-पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ होता है, लेकिन काम समापà¥à¤¤ होने और किसी बात पर सहमति बनने में काफी देर लगती है। à¤à¤¨à¤à¤®à¤ªà¥€ ने इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की मà¥à¤–à¥à¤¯ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पहचाना है, जिसमें सà¤à¥€ लोगों तक शिकà¥à¤·à¤¾ की पहà¥à¤‚च का दायरा बढ़ाना, à¤à¤¾à¤—ीदारी, कौशल विकास, रोजगार, सिलेबस और आकलन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– है।
हालांकि शिकà¥à¤·à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ काफी है, लेकिन शिकà¥à¤·à¤¾ के गिरते सà¥à¤¤à¤° की जड़ में खासतौर से सà¥à¤•ूलों में शिकà¥à¤·à¤•ों की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा में कमी आना मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है। अगर शिकà¥à¤·à¤•ों का सà¥à¤¤à¤° गिरेगा तो समाज में शिकà¥à¤·à¤¾ का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ कà¤à¥€ पूरा नहीं हो सकता। सच तो यह है कि पिछले 50 सालों में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सà¥à¤•ूलों में टीचरों की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ काफी बिगड़ी है।
à¤à¤®à¤à¤®à¤ªà¥€ का वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण जटिल और काफी धà¥à¤‚धला है। देश के अधिकंश लोगों को साकà¥à¤·à¤° बनाने के लिठशिकà¥à¤·à¤¾ नीति को बेसà¥à¤Ÿ से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना चाहिà¤à¥¤ विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ के अलावा शिकà¥à¤·à¤¾ की ऊंची लागत की वजह से छातà¥à¤° अचà¥à¤›à¥€ पढ़ाई नहीं कर पाते और अपने में रोजगार के लायक सà¥à¤•िल विकसित नहीं कर पाते। अचà¥à¤›à¥‡ टेकà¥à¤¨à¤¿à¤•ल इंसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚शन से इंजीनियरिंग की डिगà¥à¤°à¥€ निकलने वाले 0.8 मिलियन इंजीनियरों में से 60 फीसदी से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इंजीनियर बेरोजगार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ रहते है। यह सवाल à¤à¥€ पूछना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• हो जाता है कि जिस जगह, नालंदा में विशà¥à¤µ की पहली यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ बनी, उसी नालंदा में 47 फीसदी महिलाà¤à¤‚ और 25 फीसदी पà¥à¤°à¥à¤· निरकà¥à¤·à¤° कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हैं।
शिकà¥à¤·à¤•ों को पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ देने और फैकलà¥à¤Ÿà¥€ के विकास के लिठनेशनल टीचर à¤à¤œà¥à¤•ेशन यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की गई। सà¥à¤•ूली शिकà¥à¤·à¤¾ के गिरते सà¥à¤¤à¤° को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ के लिठनई शिकà¥à¤·à¤¾ नीति में à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤ˆà¤†à¤°à¤Ÿà¥€ में आमूलचूल बदलाव की बात सà¥à¤µà¥€à¤•ारी गई है।
नई शिकà¥à¤·à¤¾ नीति में साइंस, मैथà¥à¤¸ और इंगà¥à¤²à¤¿à¤¶ को कॉमन नेशनल करिकà¥à¤²à¤® के रूप में पहचाना गया है। छठी कà¥à¤²à¤¾à¤¸ से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को लैब के माधà¥à¤¯à¤® से साइंस के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देना वासà¥à¤¤à¤µ में अचà¥à¤›à¤¾ आइडिया है। यà¥à¤µà¤¾ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को टीचिंग करियर की ओर आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के लिठà¤à¤®. फिल और पीà¤à¤šà¤¡à¥€ के छातà¥à¤°à¥‹ को अकेडेमिक à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤Ÿà¥à¤¸ और अकेडेमिक असिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚टà¥à¤¸ का दरà¥à¤œà¤¾ देना à¤à¥€ नई पहल में शामिल है। नई शिकà¥à¤·à¤¾ नीति के तहत à¤à¤¸à¥€ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की जा रही है, जिससे विदेशी यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ की डिगà¥à¤°à¥€ à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में पढ़ रहे à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को मिल सके। नई शिकà¥à¤·à¤¾ नीति शà¥à¤°à¥€ अरबिंदो के सपनों को साकार करने की दिशा में à¤à¤• शानदार कदम है।
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Manoj Sharma
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